सिंगरौली। बरगवां थाना क्षेत्र में युवक संदीप यादव के साथ हुई बर्बर घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है, लेकिन घटना के बाद पुलिस की सुस्त रफ्तार ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। युवक का पैर और उंगलियां काटकर उसे खेत में फेंक दिया गया, बावजूद इसके पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है।

बरगवां थाना क्षेत्र में आजादपुर निवासी संदीप यादव पर हुए निर्दयी हमले ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी, लेकिन इस बीच पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हमलावरों ने युवक का पैर और उंगलियां काट दीं, सिर और पीठ पर गंभीर चोट पहुंचाकर उसे पोखरा गांव के अरहर के खेत में फेंक दिया, फिर भी पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना मिलने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई बेहद धीमी रही। एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की जांच औपचारिक तौर पर हुई, लेकिन अब तक किसी आरोपी का सुराग नहीं मिला। घटनास्थल के पास मृत मिले हिरण के मामले ने भी सवाल खड़े किए हैं। क्या यह महज संयोग है या दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हैं—इस पर भी पुलिस कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रही। क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर आरोपियों तक पहुंचने में देरी क्यों हो रही है। पुलिस के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर अब खुलकर सामने आ रहा है।
