नेशनल डेस्क। मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा और सख्त प्रशासनिक कदम उठाते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक Bank of Baroda को आगामी 5 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य का कोई भी सरकारी विभाग अब इस बैंक के साथ नया वित्तीय लेन-देन नहीं कर सकेगा। सरकार की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत ₹1,751 करोड़ से अधिक की राशि के प्रबंधन में हुई गंभीर लापरवाही के चलते की गई है।
मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक Bank of Baroda को 5 वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य के सभी सरकारी विभाग, निगम, मंडल और विश्वविद्यालय इस बैंक के साथ कोई नया लेन-देन नहीं कर सकेंगे। बताया गया है कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत ₹1,751 करोड़ से अधिक की राशि के प्रबंधन में गंभीर लापरवाही के चलते की गई है। बैंक को निर्देश दिए गए थे कि योजना की राशि को ‘साइबर ट्रेजरी’ के माध्यम से कृषि विभाग के ‘रिसीप्ट हेड’ में स्थानांतरित किया जाए, लेकिन बैंक इन निर्देशों का पालन करने में विफल रहा। 27 मार्च 2026 को जारी आदेश के अनुसार, अब Bank of Baroda को राज्य स्तर पर किसी भी नए सरकारी वित्तीय कार्य से दूर रखा जाएगा।
