नई दिल्ली। अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट AI 171 के भीषण हादसे के 10 महीने बाद पीड़ित परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है।
अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट AI 171 के भीषण हादसे को 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार अब भी सच्चाई का इंतजार कर रहे हैं। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और ब्लैक बॉक्स डेटा जारी करने की मांग की है। यह हादसा 12 जून 2025 को सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हुआ था, जब विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि जमीन पर मौजूद 19 लोगों ने भी जान गंवाई। करीब 30 पीड़ित परिवार अहमदाबाद में एकत्र हुए और उन्होंने इस हादसे की सच्चाई सामने लाने की मांग उठाई। परिजनों का कहना है कि उन्हें यह जानने का अधिकार है कि दुर्घटना किस वजह से हुई और क्या इसमें कोई तकनीकी खामी थी। परिवारों ने अपने पत्र की प्रतियां एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB), डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी भेजी हैं। उनका कहना है कि यदि ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, तो कम से कम इसे पीड़ित परिवारों के साथ साझा किया जाए। कई परिवारों ने एयर इंडिया की ओर से मिल रही सहायता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सामान ढूंढने के लिए बनाई गई वेबसाइट जटिल है और संपर्क के लिए सीमित विकल्प हैं, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं। इस हादसे की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है। शुरुआती रिपोर्ट में पायलट की संभावित चूक का जिक्र किया गया था, जबकि अंतिम रिपोर्ट इस साल जून में आने की उम्मीद है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि मुआवजा उनके नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता, वे सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि आखिर उस दिन हुआ क्या था।
