बिजनौर। जिले से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगती। नहटौर में पुलिस को एक अधेड़ व्यक्ति बदहवास हालत में मिला, जिसने खुद को कपूरथला के रहने वाले हंसा सिंह के रूप में पहचान दी — वही हंसा सिंह, जो 25 साल पहले लापता हो गया था और जिसे परिवार ने मृत मान लिया था।
जिले के नहटौर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 25 साल पहले लापता हुआ व्यक्ति अचानक जिंदा मिल गया। इस घटना ने जहां एक परिवार को खुशी दी है, वहीं रिश्तों के सामने गंभीर धर्मसंकट भी खड़ा कर दिया है। पुलिस को तीन दिन पहले नहटौर के नया बाजार क्षेत्र में एक अधेड़ व्यक्ति संदिग्ध हालत में घूमता मिला। उसके कपड़े फटे हुए थे और दाढ़ी बढ़ी हुई थी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने उसे थाने लाकर पूछताछ की। उसने टूटी-फूटी भाषा में अपना नाम हंसा सिंह और पता कपूरथला जिले का बताया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गूगल मैप्स और पंजाबी जानकारों की मदद से कपूरथला पुलिस से संपर्क किया। महज 72 घंटे के भीतर हंसा सिंह के परिजन बिजनौर पहुंच गए और उसकी पहचान की पुष्टि हो गई। बताया गया कि हंसा सिंह शादी के दो साल बाद ही लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार ने उसे मृत मान लिया। इसके बाद उसकी पत्नी विमला देवी की शादी सामाजिक परंपरा के तहत उसके छोटे भाई सुखा सिंह से कर दी गई। पिछले 22 वर्षों से विमला देवी अपने देवर (अब पति) के साथ रह रही हैं। उनके तीन बच्चे हैं और एक बेटी की शादी भी हो चुकी है। ऐसे में हंसा सिंह के अचानक लौट आने से पूरा परिवार असमंजस में है कि अब इस रिश्ते को क्या रूप दिया जाए। हंसा सिंह की मां जट्टो कौर बेटे के जिंदा मिलने की खबर सुनकर भावुक हो उठीं। उन्होंने फोन पर बेटे की आवाज सुनते ही कहा कि अब उन्हें जीवन में सुकून मिल गया। पुलिस ने मानवीय पहल करते हुए हंसा सिंह को नहलाकर नए कपड़े पहनाए और सम्मानपूर्वक उसके परिजनों को सौंप दिया।
