सिंगरौली। जिले में हुए 15 करोड़ के सनसनीखेज बैंक ऑफ महाराष्ट्र लूट कांड में जहां एक ओर आरपीएफ ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद सामने आई लापरवाहियों ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि दोपहर 12:50 बजे बैंक लूटने के बाद आरोपी करीब 8 घंटे 20 मिनट तक सिंगरौली में ही मौजूद रहा और पुलिस को लगातार चकमा देता रहा। इसके बाद वह सिंगरौली पटना एक्सप्रेस से आराम से फरार हो गया, जबकि पुलिस पूरे जिले में सघन चेकिंग का दावा कर रही थी।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र लूट कांड ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। दिनदहाड़े करोड़ों की डकैती के बाद भी मास्टरमाइंड कमलेश कुमार घंटों तक खुलेआम शहर में घूमता रहा और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। हैरानी की बात यह है कि दोपहर 12:50 बजे लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी करीब 8 घंटे 20 मिनट तक सिंगरौली में ही मौजूद रहा। इस दौरान पुलिस चेकिंग और तलाश के दावे करती रही, लेकिन आरोपी आराम से बचता रहा और शाम को सिंगरौली पटना एक्सप्रेस पकड़कर फरार हो गया। आखिरकार आरोपी को बिहार के डेहरी ऑन सोन रेलवे स्टेशन से आरपीएफ ने गिरफ्तार किया। उसके पास से 15.72 लाख रुपये नगद और 61 ग्राम सोना बरामद हुआ। पूछताछ में उसने चार साथियों के साथ मिलकर लूट को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। फिलहाल चार आरोपी अब भी फरार हैं और पूरी रकम भी बरामद नहीं हो सकी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को 8 दिन की रिमांड पर लिया है, लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया है कि अपराधी नहीं, बल्कि सिस्टम की सुस्ती सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है।
सिस्टम की बड़ी नाकामियां उजागर:
- बिना सुरक्षा गार्ड के चल रहा था बैंक
- वारदात के बाद पुलिस 20 मिनट देरी से पहुंची
- चेक पोस्ट और निगरानी पूरी तरह फेल
