नेशनल डेस्क। भारतीय सिनेमा के दिग्गज निर्देशक बी.आर. चोपड़ा की जयंती (22 अप्रैल) पर उनके योगदान को याद किया जा रहा है। उन्होंने महाभारत जैसे ऐतिहासिक सीरियल के जरिए दूरदर्शन की लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
बी.आर. चोपड़ा ने ‘धूल का फूल’, ‘नया दौर’, ‘कानून’, ‘साधना’, ‘गुमराह’ और ‘निकाह’ जैसी फिल्मों के जरिए समाज के संवेदनशील मुद्दों को बड़े पर्दे पर उठाया। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के निर्देशन की शुरुआत की और उनकी पहली फिल्म ‘अफसाना’ सुपरहिट रही। बताया जाता है कि फिल्म पत्रकार से निर्देशक बने चोपड़ा ने विभाजन के समय लेखन पर रोक लगने के बाद फिल्मों की ओर रुख किया। उनकी फिल्म ‘साधना’ को लेकर काफी विरोध भी हुआ, लेकिन उन्होंने सामाजिक बदलाव के उद्देश्य से इसे बनाया। वहीं, उनकी मृत्यु के 14 साल बाद परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्ज चुकाने के लिए उनकी बहू रेनू चोपड़ा ने करीब 25 हजार वर्गफुट में फैला बंगला लगभग 180 करोड़ रुपये में बेच दिया। बी.आर. चोपड़ा का सिनेमा आज भी समाज को जागरूक करने और नई सोच देने के लिए याद किया जाता है।
