नई दिल्ली। राजधानी नई दिल्ली में इस साल गर्मी ने समय से पहले ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद हालात चिंताजनक हो गए हैं। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राम मनोहर लोहिया अस्पताल में एक विशेष हीट स्ट्रोक यूनिट की शुरुआत की गई है।
नई दिल्ली में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके बाद भारत मौसम विज्ञान विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने की सलाह दी है। लू और तेज गर्म हवाओं ने राजधानी में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी बीच बढ़ते हीट स्ट्रोक के मामलों को देखते हुए राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML) में विशेष हीट स्ट्रोक यूनिट की शुरुआत की गई है। यह यूनिट गंभीर मरीजों के त्वरित इलाज के लिए पूरी तरह समर्पित है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, यूनिट में मरीजों के लिए अलग से अत्याधुनिक व्यवस्था की गई है। यहां हाई कैपेसिटी बर्फ बनाने वाली मशीनें लगाई गई हैं, जो कुछ ही मिनटों में बड़ी मात्रा में बर्फ तैयार कर सकती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक के मरीजों का शरीर का तापमान तेजी से कम करना बेहद जरूरी होता है। यूनिट में बड़े बाथ टब भी लगाए गए हैं, जिनमें मरीजों को ठंडे पानी और बर्फ के साथ रखा जाता है। इस प्रक्रिया को ‘रैपिड कूलिंग’ कहा जाता है, जिससे शरीर का तापमान तुरंत नियंत्रित किया जा सके और अंगों को नुकसान से बचाया जा सके। इसके अलावा, अस्पताल ने हीट स्ट्रोक मरीजों के लिए विशेष एंबुलेंस सेवा भी शुरू की है। इस एंबुलेंस में कूलिंग किट, ठंडी पट्टियां और जरूरी जीवन रक्षक उपकरण मौजूद हैं, ताकि मरीज को अस्पताल पहुंचने से पहले ही राहत मिल सके। डॉक्टरों के अनुसार, हीट स्ट्रोक एक जानलेवा स्थिति हो सकती है, जिसमें तेज बुखार, चक्कर, बेहोशी और मानसिक भ्रम जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। बच्चों और बुजुर्गों में इसका खतरा ज्यादा होता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री के पार जा सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी गई है।
