नेशनल डेस्क। महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े कई मिथक आज भी समाज में फैले हुए हैं। इन्हीं में से एक आम धारणा यह है कि ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, विशेषज्ञ इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हैं और इसे सिर्फ भ्रम और अफवाह मानते हैं।
महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर फैली एक बड़ी गलतफहमी पर विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा नहीं बढ़ता। उन्होंने कहा कि यह धारणा पूरी तरह मिथक है और इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 1990 के दशक में आई एक किताब के बाद यह अफवाह फैली कि टाइट ब्रा पहनने से लिम्फ नोड्स प्रभावित होते हैं और शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होकर कैंसर का कारण बन सकते हैं। लेकिन बाद के कई वैज्ञानिक अध्ययनों में इस दावे को गलत साबित किया जा चुका है। डॉक्टरों का कहना है कि ब्रा का काम केवल ब्रेस्ट को सपोर्ट देना है। हालांकि बहुत टाइट ब्रा पहनने से त्वचा पर निशान, खुजली या असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन इनका ब्रेस्ट कैंसर से कोई संबंध नहीं है।
विशेषज्ञों ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के असली कारणों में बढ़ती उम्र, परिवार में बीमारी का इतिहास, जेनेटिक बदलाव, हार्मोनल असंतुलन, खराब जीवनशैली और रेडिएशन का संपर्क शामिल हैं। डॉक्टरों ने महिलाओं से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और नियमित जांच के साथ किसी भी असामान्य लक्षण—जैसे गांठ, त्वचा में बदलाव या दर्द—को नजरअंदाज न करें। जागरूकता और सही जानकारी ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।