लखनऊ। राजधानी लखनऊ में लगातार बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर जाम से निजात दिलाने के लिए ठोस और स्थाई समाधान पेश करने के निर्देश दिए हैं।
राजधानी लखनऊ में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 2 हफ्ते के भीतर जाम की समस्या का स्थाई समाधान पेश करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान DCP ट्रैफिक, DCP ईस्ट और नगर निगम के एक राजपत्रित अधिकारी कोर्ट के समक्ष पेश हुए। अधिकारियों ने ट्रैफिक सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी, लेकिन अदालत इन उपायों से संतुष्ट नहीं हुई।
न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि अस्थायी व्यवस्थाओं से समस्या का हल संभव नहीं है और प्रभावी दीर्घकालिक योजना जरूरी है। कोर्ट ने विशेष रूप से पॉलिटेक्निक चौराहे से किसान पथ तक के मार्ग पर लगने वाले जाम को गंभीर बताया। न्यायालय ने टिप्पणी की कि वर्षों से यह समस्या आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। सुनवाई से पहले कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे संबंधित क्षेत्र का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और उसी के आधार पर समाधान प्रस्तुत करें। राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने दो हफ्ते में एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) दाखिल करने को कहा है। गौरतलब है कि हाल ही में प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्णा ने भी ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसके बाद पुलिस और ट्रैफिक विभाग द्वारा कई स्थानों पर सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।
