कौशांबी। मंझनपुर क्षेत्र के थांबा गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां तालाब से मिट्टी खोदते समय अचानक मिट्टी का टीला ढह गया। इस हादसे में मां-बेटी समेत तीन महिलाओं की जिंदा दबकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य महिलाएं घायल हो गईं।
मंझनपुर क्षेत्र के थांबा गांव में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। तालाब से मिट्टी खोदते समय अचानक टीला ढह गया, जिसमें दबकर मां-बेटी समेत तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गईं। मिली जानकारी के अनुसार गीता देवी (35), उनकी छह वर्षीय बेटी अंकिता, उत्तरा देवी (45), जितिया देवी और फुलिया गांव के बाहर तालाब से घर की पुताई के लिए मिट्टी लेने गई थीं। इसी दौरान अचानक ऊपर से भारी मात्रा में मिट्टी खिसककर उनके ऊपर गिर गई, जिससे सभी महिलाएं मलबे में दब गईं। घटना के बाद चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सभी को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक गीता देवी, उनकी बेटी अंकिता और उत्तरा देवी की मौत हो चुकी थी। घायल जितिया देवी और फुलिया को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
12 घंटे में मिली आर्थिक सहायता
जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए हादसे के 12 घंटे के भीतर मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और भविष्य में भी ऐसी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डिप्टी सीएम ने जताया शोक
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
