नेशनल डेस्क। एक चौंकाने वाले वैज्ञानिक मामले में जुड़वा बहनों के पिता अलग-अलग पाए गए हैं। यह हैरान कर देने वाला खुलासा 2022 में हुए डीएनए टेस्ट के बाद सामने आया, जिसने करीब 49 साल पुराना राज उजागर कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, मिशेल ओसबोर्न और लविनिया ओसबोर्न नाम की जुड़वा बहनों ने जब डीएनए टेस्ट कराया, तो पता चला कि दोनों के पिता अलग-अलग हैं। दोनों एक ही मां के गर्भ से पैदा हुईं और जन्म के बीच कुछ ही मिनटों का अंतर है, लेकिन इसके बावजूद वे सगी नहीं बल्कि सौतेली बहनें हैं।
विज्ञान की दुनिया से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां जुड़वा बहनों के पिता अलग-अलग निकले। यह दुर्लभ घटना 2022 में सामने आई, जब डीएनए टेस्ट ने 49 साल पुराना राज खोल दिया। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, मिशेल ओसबोर्न और लविनिया ओसबोर्न नाम की जुड़वा बहनों ने जब डीएनए टेस्ट कराया, तो पता चला कि उनके पिता एक नहीं हैं। दोनों एक ही मां के गर्भ से, कुछ ही मिनटों के अंतर में पैदा हुईं, लेकिन वे सगी नहीं बल्कि सौतेली बहनें (हाफ-सिस्टर्स) हैं।
क्या है इसके पीछे का विज्ञान?
इस अनोखी घटना के पीछे एक बेहद दुर्लभ जैविक प्रक्रिया है, जिसे हेटरोपैटरनल सुपरफेकुंडेशन कहा जाता है। इसमें एक ही समय में महिला के शरीर से एक से अधिक अंडे निकलते हैं और वे अलग-अलग पुरुषों के शुक्राणुओं से निषेचित हो जाते हैं।
इस प्रक्रिया के लिए कई असामान्य स्थितियों का एक साथ होना जरूरी होता है—
- एक ही मासिक चक्र में एक से ज्यादा अंडों का निकलना
- उसी समय अलग-अलग पुरुषों के साथ संबंध बनना
- अलग-अलग स्पर्म का अलग-अलग अंडों को निषेचित करना
दुनिया में बेहद दुर्लभ मामला
विशेषज्ञों के अनुसार, दुनियाभर में ऐसे 20 से भी कम मामले दर्ज किए गए हैं। असली संख्या का पता लगाना मुश्किल है, क्योंकि यह सच्चाई आमतौर पर तभी सामने आती है, जब जुड़वा बच्चों का डीएनए टेस्ट कराया जाता है।
