दमोह। जिले के तेंदूखेड़ा कस्बे में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक अज्ञात व्यक्ति के शव को कचरा ढोने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाकर कूड़े के ढेर के पास दफना दिया गया। घटना के बाद प्रशासन और नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जिले के तेंदूखेड़ा कस्बे में प्रशासन की संवेदनहीनता का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक अज्ञात व्यक्ति के शव को कचरा ढोने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले जाकर कूड़े के ढेर के पास दफना दिया गया। घटना के सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी है। जानकारी के मुताबिक, बागदरी जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ शव मिला था, जो करीब 4 से 5 दिन पुराना और बुरी तरह सड़ चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान की कोशिश की, लेकिन पहचान न होने पर उसे लावारिस घोषित कर दिया गया। इसके बाद नगर परिषद कर्मचारियों ने शव को उसी ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखा, जिससे रोजाना शहर का कचरा उठाया जाता है। इतना ही नहीं, शव को खकारिया रोड स्थित कचरा डंपिंग ग्राउंड के पास गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। घटना को लेकर लोगों ने प्रशासन पर इंसानियत और गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि एक शव वाहन या श्मशान की व्यवस्था की जा सकती थी, लेकिन प्रशासन ने लाश के साथ कचरे जैसा व्यवहार किया। मामले में थाना प्रभारी Ravindra Bagri ने सफाई देते हुए कहा कि शव काफी ज्यादा गल चुका था, इसलिए नगर परिषद को नियमानुसार दफनाने के निर्देश दिए गए थे। फिलहाल इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और मृतकों की गरिमा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
