सिंगरौली। जिले में मत्स्य उत्पादन को नई दिशा देने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मध्य प्रदेश शासन के मत्स्योद्योग निदेशालय ने बड़ी पहल की है। मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति के तहत सिंगरौली जिले में केज एक्वाकल्चर और फिश प्रोसेसिंग से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन के मत्स्योद्योग निदेशालय ने विभिन्न आधुनिक परियोजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति के तहत सिंगरौली जिले में निजी निवेश को प्रोत्साहित करते हुए केज एक्वाकल्चर और फिश प्रोसेसिंग परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। मत्स्योद्योग विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में उद्यमी मॉडल के तहत केज एक्वाकल्चर, एक्वापोनिक्स, इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग, इको-टूरिज्म और ग्रीन एनर्जी जैसी आधुनिक गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा मछली भंडारण एवं प्रसंस्करण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए फिश हैचरी, आइस प्लांट, कोल्ड स्टोरेज और फिश प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इन परियोजनाओं से जिले में मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। योजना के तहत पात्र उद्यमियों को बैंक ऋण सुविधा, ब्याज सबवेंशन और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इच्छुक निवेशक एवं उद्यमी अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेजों के साथ 20 मई 2026 तक जिला मत्स्योद्योग कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं।
