Unique Wedding। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक अनोखी शादी इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है। जहां आजकल शादियों में लाखों रुपये खर्च कर लग्जरी गाड़ियों और भव्य सजावट का चलन बढ़ता जा रहा है, वहीं जिला पुलिस बल में पदस्थ जवान कुबेर देहारी ने सादगी और परंपरा को अपनाकर समाज के सामने नई मिसाल पेश की है।

आज के दौर में जहां शादियों में दिखावे और स्टेटस सिंबल के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के एक पुलिस जवान ने अपनी सादगी भरी शादी से समाज को खास संदेश दिया है। जिला पुलिस बल में पदस्थ जवान कुबेर देहारी ने लग्जरी कारों की जगह बैलगाड़ी से बारात निकालकर लोगों का दिल जीत लिया। नारायणपुर के डूमर तराई गांव निवासी कुबेर देहारी बैलगाड़ी पर सवार होकर दुल्हन लेने पहुंचे। उनकी इस अनोखी बारात को देखने के लिए गांव की सड़कों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। यह फैसला किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि समाज को सादगी, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए लिया गया था।
कुबेर देहारी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचत और फिजूलखर्ची से बचने के संदेश से प्रेरित होकर अपनी शादी को पारंपरिक और सरल तरीके से आयोजित किया। उन्होंने कहा कि कम दूरी के लिए महंगे वाहनों का उपयोग करने के बजाय पारंपरिक साधनों को अपनाना चाहिए। इस शादी की खास बात सिर्फ बैलगाड़ी वाली बारात ही नहीं थी, बल्कि पूरा आयोजन पूरी तरह इको-फ्रेंडली रखा गया। शादी का मंडप नारियल, सल्फी, छीद और जामुन के पत्तों से सजाया गया था। वहीं हल्बा जनजाति की परंपराओं को जीवित रखते हुए सूप, टोकनी और मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल किया गया। आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद कुबेर ने सादगी का रास्ता इसलिए चुना ताकि समाज में समानता का संदेश जाए और गरीब परिवारों पर दिखावे का दबाव कम हो। उनका मानना है कि यदि संपन्न परिवार सादगी अपनाएंगे तो आर्थिक रूप से कमजोर लोगों पर महंगी शादियों का बोझ नहीं पड़ेगा। कुबेर देहारी की यह अनोखी शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ शादी नहीं, बल्कि संस्कृति संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक समानता का प्रेरणादायक संदेश है।
