सिंगरौली। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर गौरव बैनल ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक शियाज के.एम. भी मौजूद रहे।
जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर गौरव बैनल ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक शियाज के.एम. भी मौजूद रहे। बैठक में कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन, औद्योगिक कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों की संयुक्त जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि कोल परिवहन करने वाले भारी वाहन अक्सर सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि कंपनियां सार्वजनिक सड़कों पर पार्किंग न कर निजी स्थलों पर भारी वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था करें। कलेक्टर ने राजस्व, पुलिस और नगर निगम अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए। वहीं माइनिंग अधिकारी को ऐसे भारी वाहनों की सूची तैयार कर कार्रवाई करने को कहा गया, जो सार्वजनिक सड़कों के किनारे खड़े पाए जाते हैं। बैठक में पुलिस विभाग ने जानकारी दी कि वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में सिंगरौली जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 11 प्रतिशत की कमी आई है। रीवा जोन में सड़क हादसों में कमी लाने वाले जिलों में सिंगरौली पहले स्थान पर है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 9.1 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 16.2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार 1 नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 के बीच हुई दुर्घटनाओं में 149 मृतकों में से केवल 19 मौतें भारी वाहनों से हुईं, जबकि सबसे अधिक हादसे दोपहिया वाहनों से जुड़े पाए गए। इसे देखते हुए कलेक्टर ने हेलमेट उपयोग को अनिवार्य बनाने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में कंपनियों को सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का ऑडिट कर एक्शन प्लान तैयार करने, ट्रांसपोर्टरों को चालकों का नियमित परीक्षण एवं सर्टिफिकेशन कराने तथा लोक निर्माण विभाग को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर रोड इंजीनियरिंग आधारित सुधार योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कोयला परिवहन को कन्वे सिस्टम के जरिए संचालित करने, ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्त कार्रवाई, वाहनों में जीपीएस और स्पीड गवर्नर अनिवार्य करने तथा स्कूलों के पास बैरिकेडिंग कराने के निर्देश भी दिए गए।
