मध्य प्रदेश। एमपी के शिवपुरी जिले में एक बुजुर्ग ने अपनों की बेरुखी से आहत होकर जीते-जी अपनी तेरहवीं का कार्ड छपवा दिया। मामला करैरा तहसील के ग्राम हाजीनगर का है, जहां रहने वाले कल्याण सिंह पाल अब खुद ही घर-घर जाकर अपनी ‘त्रयोदशी’ का निमंत्रण बांट रहे हैं।
जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। करैरा तहसील के ग्राम हाजीनगर निवासी बुजुर्ग कल्याण सिंह पाल अपनों की बेरुखी से इतने आहत हो गए कि उन्होंने जीते-जी अपनी ही तेरहवीं का कार्ड छपवा दिया। सबसे हैरानी की बात यह है कि कल्याण सिंह खुद गांव और मोहल्लों में जाकर लोगों को अपनी ‘त्रयोदशी’ का निमंत्रण दे रहे हैं। 16 मई को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का कार्ड सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे देखकर लोग भावुक हो रहे हैं। कार्ड पर लिखी पंक्तियां बुजुर्ग के दर्द को बयां कर रही हैं। उन्होंने लिखा है— “मुझे तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था, मेरी कश्ती वहां डूबी, जहां पानी कम था…” बताया जा रहा है कि कल्याण सिंह ने परिवार के लिए पूरी जिंदगी मेहनत की, लेकिन अब अपनों की उपेक्षा और अकेलेपन से टूट चुके हैं। इसी पीड़ा में उन्होंने जीते-जी अपनी तेरहवीं करने का फैसला लिया है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में पारिवारिक रिश्तों और बुजुर्गों के सम्मान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
