सिंगरौली। रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद ने जिले में संचालित महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जैविक खेती, मशरूम उत्पादन और ‘लखपति दीदी’ से जुड़ी महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली।
कमिश्नर ने समूह द्वारा संचालित मशरूम उत्पादन इकाई का निरीक्षण करते हुए उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। महिलाओं ने बताया कि जिले में वर्तमान में 54 मशरूम इकाइयों का संचालन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर मिल रहे हैं। वहीं 56 समूह सदस्य जैविक खेती और मल्टी लेयर फार्मिंग जैसी उन्नत कृषि गतिविधियों से जुड़कर कार्य कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान महिलाओं ने जैविक खाद निर्माण और प्राकृतिक खेती के विभिन्न मॉडलों की जानकारी भी साझा की। कमिश्नर ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समूह द्वारा उत्पादित सामग्री की अधिक मात्रा होने पर उसे ड्रायर मशीन के माध्यम से सुखाकर पाउडर के रूप में तैयार किया जा रहा है। इस वैल्यू एडिशन से उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर हो रही है और महिलाओं की आय में भी वृद्धि हो रही है। इस कार्य में अदानी फाउंडेशन द्वारा तकनीकी और अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। कमिश्नर ने समूह द्वारा निर्मित ‘उषा किरण’ डिटर्जेंट पाउडर का प्रचार-प्रसार करते हुए महिलाओं को स्थानीय उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में सिंगरौली में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर कलेक्टर गौरव बैनल, जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे, सहायक कलेक्टर सौम्या मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
