मुरादाबाद। जिले में बिजली विभाग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक संविदा मीटर रीडर को दफ्तर के बाहर ‘मुर्गा’ बनाकर बैठाया गया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
जिले में बिजली विभाग से जुड़ा एक मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। दलपतपुर बिजलीघर में तैनात एक संविदा मीटर रीडर को कथित तौर पर दफ्तर के बाहर ‘मुर्गा’ बनाकर बैठाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, संविदा मीटर रीडर रानू कुमार पर आरोप है कि उसने एक उपभोक्ता से बिजली बिल जमा कराने के नाम पर 25 हजार रुपये लिए, लेकिन रकम सरकारी खाते में जमा नहीं की। आरोप है कि उपभोक्ता को फर्जी रसीद थमा दी गई। कुछ दिनों बाद जब उपभोक्ता को दोबारा बकाया भुगतान का मैसेज मिला, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद उपभोक्ता ग्रामीणों के साथ मीटर रीडर को पकड़कर बिजली विभाग के एसडीओ कार्यालय पहुंचा। आरोप है कि वहां एसडीओ की मौजूदगी में उसे करीब आधे घंटे तक दफ्तर के बाहर मुर्गा बनाकर बैठाया गया। इसी दौरान किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। Akhilesh Yadav ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सरकार और बिजली विभाग पर सवाल उठाए। इसके बाद विपक्ष ने विभागीय कार्यशैली को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बिजली विभाग ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित मीटर रीडर की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। वहीं विभाग के चीफ इंजीनियर अशोक कुमार चौरसिया ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और एसडीओ की भूमिका की भी पड़ताल होगी।
