Bank Loan Recovery Rules: अगर आप बैंक लोन या क्रेडिट कार्ड की किस्त नहीं चुका पा रहे हैं, तो बैंक या रिकवरी एजेंट आपको धमका नहीं सकते। कानून के अनुसार वसूली केवल कानूनी तरीके से ही की जा सकती है। दिल्ली हाईकोर्ट के वकील वरुण दीक्षित के मुताबिक बैंक और NBFC को बकाया रकम मांगने का अधिकार जरूर है, लेकिन वे किसी ग्राहक को अपमानित, डराने या मारपीट करने का अधिकार नहीं रखते।
अगर आप बैंक लोन या क्रेडिट कार्ड की किस्त नहीं चुका पा रहे हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि बैंक या रिकवरी एजेंट आपको धमका सकते हैं। कानून कर्जदार को भी सम्मान और सुरक्षा का अधिकार देता है। दिल्ली हाईकोर्ट के वकील वरुण दीक्षित के मुताबिक बैंक और वित्तीय कंपनियों को वसूली का अधिकार जरूर है, लेकिन केवल कानूनी तरीके से। किसी भी ग्राहक को डराना, मारपीट करना, सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या परिवार को परेशान करना गैरकानूनी है।
बैंक क्या कर सकते हैं?- Reserve Bank of India के नियमों के तहत बैंक और NBFC ये कदम उठा सकते हैं—
- कॉल, ईमेल या नोटिस भेजना
- रिकवरी एजेंट नियुक्त करना
- सिविल रिकवरी केस करना
- SARFAESI एक्ट के तहत कार्रवाई
- CIBIL में डिफॉल्ट रिपोर्ट करना
रिकवरी एजेंट क्या नहीं कर सकते?-
- धमकी देना या गाली-गलौज करना
- देर रात फोन करना
- परिवार, पड़ोसियों या ऑफिस में बदनाम करना
- जबरन घर में घुसना
- गुंडों या बाउंसरों का इस्तेमाल करना
- फोटो/वीडियो वायरल कर अपमानित करना
- महिलाओं और बुजुर्गों को परेशान करना
कौन-कौन से काम अपराध माने जाते हैं?-
- आपराधिक धमकी
- मारपीट
- जबरन वसूली
- निजता का उल्लंघन
- मानहानि और सार्वजनिक अपमान
ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति पुलिस में FIR दर्ज करा सकता है।
कहां कर सकते हैं शिकायत?-
- Reserve Bank of India लोकपाल
- उपभोक्ता फोरम/कंज्यूमर कोर्ट
- मानवाधिकार आयोग
