सिंगरौली। मुख्यमंत्री के सिंगरौली दौरे के दौरान लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने पर जिला प्रशासन ने कई कोयला परिवहन एवं खनन कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री गौरव बैनल ने संबंधित कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जिले की कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री के सिंगरौली दौरे के दौरान लागू किए गए प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वाली कई कोयला परिवहन एवं खनन कंपनियों के खिलाफ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री गौरव बैनल ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन द्वारा जारी ‘कारण बताओ’ नोटिस के अनुसार, सुरक्षा कारणों से 23 मई 2026 की सुबह 6 बजे से 24 मई 2026 की दोपहर 12 बजे तक सड़क मार्ग से कोयला और राखड़ परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद तहसीलदार सरई और बरगवां की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि मेसर्स आन्ध्र प्रदेश मिनरल डेवलपमेंट कारपोरेशन, अदानी लॉजिस्टिक लिमिटेड, ए.सी.सी. लिमिटेड तथा सृष्टि लॉजिस्टिक द्वारा प्रतिबंधित अवधि में कोयले की धुलाई और परिवहन कार्य जारी रखा गया। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित कंपनियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक परिवहन अनुज्ञा पत्र (ई-टीपी) भी जारी किए गए, जिसे प्रशासन ने सरकारी आदेशों की खुली अवहेलना माना है। प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियां सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित कंपनियों को दो दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके अलावा उल्लंघन में शामिल वाहनों के परमिट निरस्त करने, भविष्य में सड़क मार्ग से परिवहन पर रोक लगाने तथा संबंधित कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किए जाने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है। जिला प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि जिले की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और शासकीय आदेशों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ एकतरफा कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
