मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में भ्रष्टाचार निरोधक संगठन (एसीओ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजकीय निर्माण निगम के जूनियर इंजीनियर (जेई) और एक चालक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों पर ठेकेदार का लंबित भुगतान जारी कराने के बदले एक लाख रुपये मांगने का आरोप है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक संगठन (एसीओ) ने राजकीय निर्माण निगम के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) और चालक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी ठेकेदार का लंबित भुगतान जारी करने के बदले रिश्वत मांग रहे थे। एसीओ मेरठ प्रकोष्ठ के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार के अनुसार बागपत निवासी ठेकेदार सत्येंद्र सिंह तोमर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद करीब 25 लाख रुपये का भुगतान लंबे समय से रोका गया है। आरोप है कि भुगतान जारी कराने के लिए निगम के जेई योगेंद्र सिंह ने रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के बाद एसीओ टीम ने जाल बिछाया। मंगलवार सुबह ठेकेदार को रसायन लगे नोट देकर राजकीय निर्माण निगम कार्यालय भेजा गया। बताया गया कि जेई ने खुद पैसे लेने के बजाय परियोजना प्रबंधक की गाड़ी के चालक नीरज पाल को रकम लेने भेजा। जैसे ही चालक ने एक लाख रुपये लिए, एसीओ टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया। इसके बाद टीम कार्यालय पहुंची, जहां मौजूद जेई योगेंद्र सिंह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे भी हिरासत में ले लिया गया। ठेकेदार का आरोप है कि वर्ष 2023 में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी फाइल को विभिन्न बहानों से रोका गया और पहले 1.70 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसे बाद में घटाकर एक लाख रुपये कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई मेडिकल थाना क्षेत्र के राजीवपुरम स्थित राजकीय निर्माण निगम कार्यालय में की गई। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
