केरल। नेदुमंगड में डेढ़ साल के मासूम अर्शीद की मौत के मामले में पुलिस जांच ने दिल दहला देने वाला सच उजागर किया है। जिस घटना को पहले गले में खाना फंसने से हुई दुर्घटना बताया जा रहा था, वह दरअसल मासूम के साथ की गई लगातार मारपीट और शारीरिक प्रताड़ना का परिणाम निकली।
नेदुमंगड से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। डेढ़ साल के मासूम अर्शीद की मौत को पहले हादसा बताया गया था, लेकिन पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बच्चे की मौत लगातार मारपीट और शारीरिक प्रताड़ना के कारण हुई। पुलिस के अनुसार, घटना के समय बच्चा अपने सौतेले पिता के साथ घर पर अकेला था। आरोपी ने अस्पताल पहुंचकर दावा किया था कि चावल खाते समय खाना बच्चे के गले में फंस गया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। हालांकि जांच में यह कहानी झूठी साबित हुई। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर कई पुराने और नए चोटों के निशान मिले हैं, जो लंबे समय से हो रहे शारीरिक उत्पीड़न की ओर इशारा करते हैं। परिवार के रिश्तेदारों ने भी आरोप लगाया है कि सौतेला पिता अक्सर बच्चे के साथ मारपीट करता था। मामले का एक और चिंताजनक पहलू यह है कि घटना के दौरान बच्चे की मां घर पर मौजूद नहीं थी। पुलिस अब सौतेले पिता के साथ-साथ मां की भूमिका और कथित लापरवाही की भी जांच कर रही है। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पुलिस ने इसे हत्या का मामला मानते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस घटना ने पूरे केरल को झकझोर कर रख दिया है।
