हेल्थ डेस्क। देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव का असर सिर्फ शरीर की थकान या अत्यधिक पसीने तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तेज गर्मी पाचन तंत्र को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे दस्त, पेट दर्द, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
भीषण गर्मी और हीटवेव का असर सिर्फ शरीर में थकान, चक्कर या ज्यादा पसीना आने तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पाचन तंत्र को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में अचानक दस्त, पेट दर्द, उल्टी और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, जिन्हें अक्सर लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, तेज गर्मी और लू शरीर में ऐसे बदलाव पैदा कर सकती है, जो डायरिया और पेट संबंधी परेशानियों का कारण बनते हैं।
क्या लू लगने से हो सकते हैं लूज मोशन?- डॉक्टरों के मुताबिक, हीटवेव के दौरान शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने लगती है। अत्यधिक पसीना निकलने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है, जिसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। डिहाइड्रेशन के कारण पेट खराब होना, दस्त, ऐंठन और कमजोरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। कई मामलों में ये लक्षण हीट एग्जॉशन के साथ भी देखे जाते हैं।
पाचन तंत्र पर कैसे असर डालती है गर्मी?- विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी शरीर के फ्लूइड बैलेंस को बिगाड़ देती है और आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है। शरीर में सोडियम, पोटेशियम और क्लोराइड जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने पर पाचन प्रक्रिया कमजोर पड़ने लगती है। इसके चलते डायरिया, पेट दर्द और ऐंठन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
किन लोगों को रहता है ज्यादा खतरा?- डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों पर हीटवेव का असर सबसे ज्यादा पड़ता है। इन लोगों के शरीर में पानी की कमी तेजी से होती है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता भी अपेक्षाकृत कम होती है। ऐसे में डिहाइड्रेशन और डायरिया का जोखिम बढ़ जाता है।
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय- गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी माना जाता है। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में साफ और सुरक्षित पानी पीना चाहिए। साथ ही ताजा और घर का बना भोजन खाने की सलाह दी जाती है। बासी और बाहर का खाना खाने से बचें। तरबूज, खीरा और खरबूजा जैसे पानी से भरपूर फलों को डाइट में शामिल करें। जरूरत पड़ने पर ओआरएस का सेवन भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है।