सिंगरौली। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सभी गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी गर्भवती महिला स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रहनी चाहिए।
कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, एनआरसी, आयुष्मान कार्ड, टीबी नियंत्रण तथा संक्रामक रोगों की रोकथाम से जुड़े कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी गर्भवती महिला स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने बीएमओ को एएनसी पंजीयन से छूटी महिलाओं की पहचान कर उनका पंजीयन कराने के निर्देश दिए। बैठक में एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया गया। साथ ही आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में शत-प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी बनाए रखने, भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक मामले का विश्लेषण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर वाहन उपलब्ध कराया जाए। लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने 8 से 18 जून तक चलने वाले विशेष कैच-अप अभियान में टीकाकरण से वंचित बच्चों की पहचान कर उनका पूर्ण टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। वहीं वर्षा ऋतु को देखते हुए मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र हितग्राहियों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता के आधार पर योजना से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।
