सिंगरौली। जिले को वर्ष 2030 तक मलेरिया मुक्त बनाने के संकल्प के साथ स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया निरोधक माह जून के तहत विशेष जनजागरूकता अभियान की शुरुआत कर दी है। अभियान के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर ने मलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
जिले को वर्ष 2030 तक मलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया निरोधक माह जून के अवसर पर विशेष जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर ने मलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर डॉ. ठाकुर ने कहा कि आगामी वर्षाकाल को देखते हुए मलेरिया और अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। जागरूकता रथ के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर लोगों को मलेरिया, डेंगू और अन्य वाहक जनित रोगों के कारण, लक्षण, उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। जिला मलेरिया अधिकारी नागेंद्र सिंह ने बताया कि यह जागरूकता रथ 25 जून 2026 तक जिले के मलेरिया प्रभावित एवं संवेदनशील गांवों, हाट-बाजारों और मेलों में भ्रमण करेगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीणों को मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए जागरूक करेगी तथा घर-घर पहुंचकर जनसंपर्क कार्यक्रम भी चलाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को घर और आसपास जलभराव नहीं होने देने, पुराने टायर, बर्तन, मटके और बोतलों में पानी जमा न होने देने, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने और मच्छर भगाने वाले साधनों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाएगी। अभियान के तहत यह भी बताया जाएगा कि बुखार आने पर 24 घंटे के भीतर आशा कार्यकर्ता या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में रक्त जांच अवश्य कराएं। समय पर जांच और उपचार से मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव है। स्वास्थ्य विभाग का यह विशेष अभियान बैढ़न, चितरंगी, देवसर, सरई, बरगवां और माड़ा सहित जिले के कई ग्रामीण एवं हाट-बाजार क्षेत्रों में चलाया जाएगा। अभियान के माध्यम से आमजन को मलेरिया उन्मूलन के प्रति जागरूक कर जिले को वर्ष 2030 तक मलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
