प्रयागराज। बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के दोषी आबिद प्रधान को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है। जेल से रिहा होने के बाद आबिद की एक रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें फिल्मी डायलॉग “जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं” सुनाई दे रहा है।
बसपा विधायक रहे राजू पाल हत्याकांड के दोषी आबिद प्रधान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। जेल से बाहर आने के बाद आबिद प्रधान की एक रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें फिल्मी डायलॉग “जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं” सुनाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद राजू पाल की पत्नी और सपा से निष्कासित पूर्व विधायक पूजा पाल ने कड़ी आपत्ति जताई है। पूजा पाल ने आरोप लगाया कि आरोपी को महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर जमानत मिली है और वह अब खुलेआम शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि वीडियो से साफ है कि आरोपियों में कानून का कोई भय नहीं है। उन्होंने ऐलान किया कि आबिद प्रधान की जमानत रद्द कराने के लिए वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। पूजा पाल ने कहा कि राजू पाल केवल उनके पति नहीं, बल्कि प्रयागराज के लोकप्रिय युवा नेता थे, जिनकी दिनदहाड़े हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जमानत आदेश का अध्ययन करने पर कई गंभीर कानूनी खामियां सामने आई हैं और आरोपियों ने अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ी अहम जानकारियां अदालत से छिपाई हैं। वहीं धूमनगंज थाना प्रभारी अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो की जानकारी पुलिस को नहीं है। जमानत पर रिहा होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस आरोपी के घर पहुंची थी, लेकिन वहां ताला लगा मिला। फिलहाल उसकी लोकेशन का पता लगाया जा रहा है।
