सिंगरौली। एनसीएल की सीएसआर परियोजना ‘नन्हा सा दिल’ ने सिंगरौली जिले के सरई गांव की छह वर्षीय बालिका प्रांजली प्रजापति को नया जीवन दिया है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रांजली लंबे समय से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उसका उपचार संभव नहीं हो पा रहा था।
नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की सीएसआर पहल ‘नन्हा सा दिल’ ने एक बार फिर बाल हृदय उपचार के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है। सिंगरौली जिले के सरई गांव की छह वर्षीय किसान पुत्री प्रांजली प्रजापति को इस परियोजना के माध्यम से निःशुल्क हृदय उपचार मिला, जिससे आज वह स्वस्थ जीवन जी रही है। प्रांजली के पिता संतोष प्रजापति कृषि कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय वाले इस परिवार की बेटी लंबे समय से जल्दी थकान, बार-बार बीमार पड़ने और सामान्य गतिविधियों में परेशानी का सामना कर रही थी। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के बावजूद बीमारी का सही कारण सामने नहीं आ सका। इसी दौरान एनसीएल और श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल द्वारा संचालित ‘नन्हा सा दिल’ परियोजना के तहत गांव में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में चिकित्सकों ने हृदय रोग की आशंका जताई। बाद में देवसर में आयोजित इको जांच शिविर में जांच के दौरान पता चला कि प्रांजली के दिल में छेद है। परिवार के लिए ऑपरेशन और इलाज का खर्च उठाना संभव नहीं था, लेकिन ‘नन्हा सा दिल’ परियोजना ने पूरी जिम्मेदारी संभाली। यात्रा, आवास, उपचार और ऑपरेशन सहित सभी व्यवस्थाएं निःशुल्क कराई गईं। हरियाणा के पलवल स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में सफल ऑपरेशन के बाद प्रांजली अब पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य बच्चों की तरह स्कूल जाकर खेलकूद में हिस्सा ले रही है।
