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एनसीएल की ‘नन्हा सा दिल’ पहल बनी वरदान, किसान की बेटी प्रांजली को मिला नया जीवन

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By: सूरज कुमार

On: Thursday, June 18, 2026 5:49 AM

सिंगरौली। एनसीएल की सीएसआर परियोजना ‘नन्हा सा दिल’ ने सिंगरौली जिले के सरई गांव की छह वर्षीय बालिका प्रांजली प्रजापति को नया जीवन दिया है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली प्रांजली लंबे समय से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उसका उपचार संभव नहीं हो पा रहा था।

नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की सीएसआर पहल ‘नन्हा सा दिल’ ने एक बार फिर बाल हृदय उपचार के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है। सिंगरौली जिले के सरई गांव की छह वर्षीय किसान पुत्री प्रांजली प्रजापति को इस परियोजना के माध्यम से निःशुल्क हृदय उपचार मिला, जिससे आज वह स्वस्थ जीवन जी रही है। प्रांजली के पिता संतोष प्रजापति कृषि कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आय वाले इस परिवार की बेटी लंबे समय से जल्दी थकान, बार-बार बीमार पड़ने और सामान्य गतिविधियों में परेशानी का सामना कर रही थी। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के बावजूद बीमारी का सही कारण सामने नहीं आ सका। इसी दौरान एनसीएल और श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल द्वारा संचालित ‘नन्हा सा दिल’ परियोजना के तहत गांव में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में चिकित्सकों ने हृदय रोग की आशंका जताई। बाद में देवसर में आयोजित इको जांच शिविर में जांच के दौरान पता चला कि प्रांजली के दिल में छेद है। परिवार के लिए ऑपरेशन और इलाज का खर्च उठाना संभव नहीं था, लेकिन ‘नन्हा सा दिल’ परियोजना ने पूरी जिम्मेदारी संभाली। यात्रा, आवास, उपचार और ऑपरेशन सहित सभी व्यवस्थाएं निःशुल्क कराई गईं। हरियाणा के पलवल स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में सफल ऑपरेशन के बाद प्रांजली अब पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य बच्चों की तरह स्कूल जाकर खेलकूद में हिस्सा ले रही है।

255 बच्चों की हो चुकी है निःशुल्क हृदय सर्जरी- एनसीएल द्वारा वर्ष 2025 में शुरू किए गए इस प्रकल्प के तहत सिंगरौली, सीधी और सोनभद्र जिलों में बाल हृदय रोग की जांच और उपचार की व्यापक व्यवस्था की गई है। पिछले एक वर्ष में 534 स्क्रीनिंग शिविरों के माध्यम से 38,315 बच्चों की जांच की गई, जबकि 764 इकोकार्डियोग्राम और 255 निःशुल्क हृदय सर्जरी कराई गई हैं। एनसीएल ने बीना अस्पताल में समर्पित सीएचडी स्क्रीनिंग सेंटर भी स्थापित किया है। वहीं, ‘नन्हे दिल का सफर’ नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बच्चों के उपचार और फॉलो-अप की लगातार निगरानी की जा रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर चल रहा अभियान- गौरतलब है कि ‘नन्हा सा दिल’ कार्यक्रम कोल इंडिया लिमिटेड की विभिन्न अनुषंगी कंपनियों के माध्यम से देश के कई राज्यों में संचालित किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में इस अभियान के तहत 1.75 लाख से अधिक बच्चों की जांच की गई है तथा करीब 1,400 बच्चों का सफल उपचार कराया जा चुका है। एनसीएल की यह पहल दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों के लिए नई जिंदगी की उम्मीद बनकर उभरी है।

सूरज कुमार

सूरज कुमार , सिंगरौली, मध्य प्रदेश
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