जयपुर। राजधानी जयपुर के लाखों पेयजल उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। जलदाय विभाग (PHED) ने जुलाई 2026 से पानी के बिलों को पूरी तरह डिजिटल करने का फैसला लिया है। अब उपभोक्ताओं को कागजी बिल की जगह मोबाइल फोन पर SMS के जरिए बिल और पानी की खपत की जानकारी भेजी जाएगी।
शहर के पेयजल उपभोक्ताओं के लिए जलदाय विभाग (PHED) बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जुलाई 2026 से पानी के बिल कागज पर वितरित नहीं किए जाएंगे। अब उपभोक्ताओं को पानी की खपत और बिल की जानकारी सीधे मोबाइल फोन पर SMS के माध्यम से भेजी जाएगी। नई व्यवस्था को सफल बनाने के लिए विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से 30 जून तक अपने खाते में मोबाइल नंबर अपडेट कराने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होंगे, उन्हें बिल प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है और नियमानुसार पेनल्टी का सामना भी करना पड़ सकता है। वर्तमान में जयपुर में करीब 6 लाख पेयजल उपभोक्ता हैं, लेकिन इनमें से केवल 1.25 लाख उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर ही विभाग के पास दर्ज हैं। इसी वजह से अधिकांश उपभोक्ता डिजिटल बिलिंग और SMS अलर्ट सुविधा से वंचित हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए जलदाय विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है, जो 30 जून तक चलेगा। उपभोक्ता अपने संबंधित सहायक अभियंता कार्यालय में खाता संख्या के साथ मोबाइल नंबर दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए विभाग ने अलग से कर्मचारियों की नियुक्ति भी की है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि डिजिटल बिलिंग व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी, बिलिंग प्रक्रिया तेज होगी और राजस्व संग्रहण में सुधार आएगा। विभाग के अनुसार स्टाफ की कमी के चलते कई क्षेत्रों में मीटर रीडिंग और बिल वितरण प्रभावित हो रहा है। कई उपभोक्ताओं को एक साथ चार से छह महीने के बिल जारी किए जा रहे हैं, जिससे विवाद और शिकायतें बढ़ रही हैं। ऐसे में डिजिटल प्रणाली को मजबूत कर पारंपरिक बिल वितरण व्यवस्था को धीरे-धीरे समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
