होम Breaking News लाइफस्टाइल नेशनल न्यूज मध्य प्रदेश लोकल न्यूज मनोरंजन बिजनेस अन्य
---Advertisement---

[post-views]

NCERT की नई किताब में पहली बार शामिल हुई इमरजेंसी, छात्रों को पढ़ाया जाएगा लोकतंत्र का कठिन दौर

Google News
Follow Us
---Advertisement---

By: सूरज कुमार

On: Thursday, June 25, 2026 5:27 AM

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई पुस्तक “Understanding Society: India and Beyond” में पहली बार 1975-77 की इमरजेंसी को शामिल किया है। लगभग पांच दशक बाद स्कूली पाठ्यक्रम में इस विषय को स्थान दिया गया है।

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की पुस्तक “Understanding Society: India and Beyond” में पहली बार 1975-77 की इमरजेंसी को विस्तार से शामिल किया है। लगभग 50 वर्ष बाद स्कूली पाठ्यक्रम में इस ऐतिहासिक दौर को जगह दी गई है। नई पुस्तक में इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि 1970 के दशक में बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ते जनविरोध के कारण राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बना, जिसके बाद जून 1975 में देश में इमरजेंसी लागू की गई। पाठ्यपुस्तक के अनुसार, इमरजेंसी के दौरान कई लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगाई गई, प्रेस की स्वतंत्रता सीमित की गई और अनेक राजनीतिक नेताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। किताब में इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए कठिन परीक्षा के रूप में प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में लोकनायक Jayaprakash Narayan के नेतृत्व में चले जनआंदोलनों का भी उल्लेख किया गया है। खासकर बिहार और गुजरात में हुए आंदोलनों को लोकतंत्र की रक्षा के महत्वपूर्ण प्रयासों के रूप में दर्शाया गया है। किताब बताती है कि 1977 में इमरजेंसी समाप्त होने के बाद हुए आम चुनावों में जनता ने मतदान के जरिए अपनी राय व्यक्त की और सत्ता परिवर्तन हुआ, जिसे भारतीय लोकतंत्र की ताकत का उदाहरण बताया गया है। नई पुस्तक में केवल इमरजेंसी ही नहीं, बल्कि फेक न्यूज, सामाजिक भेदभाव, गरीबी, क्षेत्रीयता, लैंगिक असमानता और लोकतांत्रिक भागीदारी जैसे समकालीन मुद्दों को भी शामिल किया गया है। साथ ही “Democracy and You” नामक नया अध्याय जोड़कर छात्रों को नागरिक जिम्मेदारियों, मतदान, पंचायत व्यवस्था, महिलाओं के राजनीतिक अधिकार और मीडिया की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई है।

सूरज कुमार

सूरज कुमार , सिंगरौली, मध्य प्रदेश
For Feedback - Feedback@bhartiyriyashat.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Leave a Comment