सिंगरौली। जिला एवं सत्र न्यायालय बैढ़न परिसर में स्टांप की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। अधिवक्ता अनु पटेल ने कलेक्टर एवं जिला पंजीयक को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि कुछ स्टांप विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर स्टांप बेच रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जिला एवं सत्र न्यायालय बैढ़न परिसर में स्टांप की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। अधिवक्ता अनु पटेल ने कलेक्टर एवं जिला पंजीयक को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि कुछ स्टांप विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर स्टांप बेच रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। आवेदन के अनुसार, 100 रुपये का स्टांप 150 से 200 रुपये और 50 रुपये का स्टांप 70 से 100 रुपये तक में बेचे जाने का आरोप लगाया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि कई बार निर्धारित मूल्य पर स्टांप उपलब्ध न होने का हवाला देकर बिक्री से इनकार कर दिया जाता है। अधिवक्ता ने दावा किया है कि आठ शपथ पत्रों के लिए 16 स्टांपों के बदले 2,400 रुपये वसूले गए, जबकि वास्तविक कीमत 1,600 रुपये होनी चाहिए थी। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि भुगतान का यूटीआर (UTR) उपलब्ध है, जिससे पूरे मामले की जांच की जा सकती है। आवेदन में यह आरोप भी लगाया गया है कि न्यायालय परिसर के कई स्टांप विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठानों पर स्टांप की निर्धारित दरों की सूची प्रदर्शित नहीं की है, जो नियमों का उल्लंघन है। अधिवक्ता ने स्टांप बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, नियमित निरीक्षण कराने और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, ये आरोप आवेदनकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। मामले में प्रशासन की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष अभी सामने आना बाकी है।
