मनोरंजन डेस्क। फिल्मों में बढ़ते बोल्ड और इंटिमेट सीन्स को लेकर अभिनेत्री काजल अग्रवाल का बयान चर्चा में है। हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के लिए बोल्ड सीन करना या न करना पूरी तरह उसकी व्यक्तिगत पसंद का विषय है। इस तरह के फैसले किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी सहजता और इच्छा के अनुसार लिए जाने चाहिए।
फिल्मों में बढ़ते बोल्ड और इंटिमेट सीन्स को लेकर अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने अपनी स्पष्ट राय रखी है। हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि स्क्रीन पर बोल्ड सीन करना या न करना पूरी तरह कलाकार की व्यक्तिगत पसंद है और किसी पर भी ऐसा करने या न करने का दबाव नहीं होना चाहिए। काजल ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में अपनी निजी सीमाओं का सम्मान किया है। उन्होंने कभी ऐसे किरदार स्वीकार नहीं किए जिनमें इंटिमेट सीन या बिकनी पहननी पड़े, क्योंकि वह उसमें सहज महसूस नहीं करती थीं। इस वजह से उन्होंने कई बड़े फिल्मी ऑफर भी ठुकराए, लेकिन उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। अभिनेत्री का मानना है कि महिलाओं को अक्सर ऐसे मामलों में ज्यादा जज किया जाता है, जबकि हर कलाकार को अपनी सुविधा और सिद्धांतों के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार है। काजल ने यह भी बताया कि मां बनने के बाद वह किसी भी फिल्म को साइन करने से पहले और अधिक सोच-समझकर फैसला करती हैं। उनका कहना है कि वह चाहती हैं कि भविष्य में जब उनका बेटा उनकी फिल्में देखे, तो उसे किसी तरह की असहजता महसूस न हो।
