हेल्थ डेस्क। किडनी कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय रहते इसके लक्षणों की पहचान होने पर इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती चरण में यह बीमारी अक्सर बिना स्पष्ट दर्द के विकसित होती है, इसलिए शरीर के कुछ संकेतों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
किडनी हमारे शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालने और खून को साफ रखने का महत्वपूर्ण काम करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, किडनी कैंसर की शुरुआती अवस्था में अक्सर स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, जिससे कई बार बीमारी का पता देर से चलता है। हालांकि शरीर कुछ ऐसे संकेत जरूर देता है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। किडनी कैंसर के प्रमुख लक्षणों में पेशाब में खून आना, बिना किसी कारण तेजी से वजन घटना, लगातार भूख कम लगना, एनीमिया (खून की कमी), कमर या पीठ के निचले हिस्से में गांठ या सूजन, लगातार थकान और कमजोरी तथा बिना संक्रमण के बार-बार बुखार आना शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इनमें से कोई भी लक्षण दो से तीन सप्ताह तक बना रहे या पेशाब में खून दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर या यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए। जांच के लिए यूरिन टेस्ट, ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन की सलाह दी जा सकती है। हालांकि ये लक्षण हमेशा किडनी कैंसर का संकेत नहीं होते। किडनी स्टोन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) या अन्य बीमारियों में भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए घबराने के बजाय समय पर जांच कराना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है।
