हेल्थ डेस्क। बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन नमी और गंदे पानी के कारण पैरों में फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ा देता है। लंबे समय तक गीले जूते-मोजे पहनने और पैरों में नमी बने रहने से खुजली, लालपन, जलन, त्वचा का छिलना और बदबू जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
मानसून में लगातार नमी, गंदे पानी के संपर्क और गीले जूते-मोजे पहनने से पैरों में फंगल इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। इससे खुजली, लालपन, जलन, त्वचा का छिलना और बदबू जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, थोड़ी सावधानी और सही देखभाल से इस संक्रमण से काफी हद तक बचा जा सकता है। घर लौटने के बाद पैरों को साफ पानी से धोकर गुनगुने पानी और सेंधा नमक में 10–15 मिनट तक रखने से राहत मिल सकती है। वहीं, नीम के पानी से पैर धोना या नारियल तेल में नीम का तेल मिलाकर लगाना तथा टी ट्री ऑयल को किसी कैरियर ऑयल में मिलाकर इस्तेमाल करना भी फंगल संक्रमण को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है। एप्पल साइडर विनेगर फुट सोक भी एक लोकप्रिय घरेलू उपाय है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नहाने के बाद पैरों, खासकर उंगलियों के बीच की जगह को अच्छी तरह सुखाएं, गीले जूते-मोजे तुरंत बदलें, हवा आने-जाने वाले फुटवियर पहनें और आवश्यकता होने पर डॉक्टर की सलाह से एंटी-फंगल पाउडर का उपयोग करें। यदि संक्रमण बढ़े, दर्द, सूजन या पस बनने लगे तो घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से तुरंत परामर्श लेना चाहिए।
