सिंगरौली। जिले की प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने निर्माणाधीन जिला न्यायालय भवन का निरीक्षण कर अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसी को निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने मंगलवार को एनटीपीसी परिसर एवं निर्माणाधीन जिला न्यायालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन जिला न्यायालय भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट कहा कि न्यायालय भवन का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ किया जाए तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा, ताकि समय पर भवन तैयार होकर आमजन को बेहतर न्यायिक सुविधाएं मिल सकें। वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि हरित एवं स्वच्छ वातावरण के लिए पौधों की नियमित देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। निरीक्षण के दौरान अधिवक्ता संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री विपिन शाह एवं उनकी टीम ने प्रभारी मंत्री को न्यायालय भवन में अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त बैठक व्यवस्था, आधुनिक बार कक्ष, पेयजल, शौचालय, पार्किंग सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग से अवगत कराया। इस पर प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को अधिवक्ताओं एवं न्यायालय आने वाले नागरिकों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
