हेल्थ डेस्क। लंबे समय तक आवाज बैठी रहना, खाना निगलने में परेशानी, गर्दन में बिना दर्द की गांठ या एक तरफ लगातार कान में दर्द जैसी समस्याओं को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये लक्षण कई बार हेड एंड नेक (सिर और गर्दन) कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। समय पर जांच और इलाज से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
अक्सर लोग लंबे समय तक आवाज बैठना, खाना निगलने में परेशानी या गर्दन में बिना दर्द की गांठ जैसी समस्याओं को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ये लक्षण सिर और गर्दन (हेड एंड नेक) के कैंसर के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं। समय पर जांच और इलाज शुरू होने से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हेड एंड नेक कैंसर केवल तंबाकू, गुटखा या धूम्रपान करने वालों तक सीमित नहीं है। यह बीमारी उन लोगों में भी हो सकती है जिन्होंने कभी तंबाकू का सेवन नहीं किया। इसलिए केवल तंबाकू न खाने के आधार पर खुद को पूरी तरह सुरक्षित मानना सही नहीं है। फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ. सुब्रमणिया अय्यर के मुताबिक गर्दन में लंबे समय तक बनी रहने वाली बिना दर्द की गांठ, लगातार बैठी हुई आवाज, खाना निगलने में कठिनाई या एक तरफ लगातार कान में दर्द जैसे लक्षण गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं। ऐसे मामलों में अल्ट्रासाउंड और जरूरत पड़ने पर एफएनएसी जांच के जरिए बीमारी की सही पहचान की जाती है। हालांकि डॉक्टर स्पष्ट करते हैं कि हर गर्दन की गांठ या कान का दर्द कैंसर नहीं होता। संक्रमण या अन्य सामान्य कारणों से भी ऐसे लक्षण हो सकते हैं, लेकिन यदि ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें या एक साथ कई लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए ईएनटी या हेड एंड नेक विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार हेड एंड नेक कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके शुरुआती लक्षण सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं, जिससे कई मरीज देर से इलाज शुरू कराते हैं। समय रहते जांच और उपचार शुरू होने पर मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
