हेल्थ डेस्क। बवासीर (पाइल्स) मलाशय और गुदा की नसों में सूजन से जुड़ी एक सामान्य लेकिन दर्दनाक समस्या है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब दवाओं और अन्य उपचारों से राहत नहीं मिलती, तब हेमोरोइडेक्टोमी (बवासीर की सर्जरी) प्रभावी विकल्प मानी जाती है। हालांकि, ऑपरेशन के बाद मरीजों को कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि लापरवाही से खून बहना, खून का थक्का जमना (थ्रोम्बोसिस) और गुदा के अस्थायी रूप से सिकुड़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बवासीर (पाइल्स) मलाशय और गुदा की नसों में सूजन की समस्या है, जिससे दर्द, खून आना, खुजली और सूजन जैसी परेशानियां हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जब दवाओं और अन्य उपचारों से राहत नहीं मिलती, तब हेमोरोइडेक्टोमी (बवासीर की सर्जरी) की सलाह दी जाती है। हालांकि, ऑपरेशन के बाद भी कुछ मरीजों को खून बहना, खून का थक्का जमना (थ्रोम्बोसिस) और गुदा के अस्थायी रूप से सिकुड़ने (एनल स्टेनोसिस) जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्जरी के बाद प्रभावित हिस्से की गर्म पानी से सिकाई करने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, भारी वजन उठाने और कठिन व्यायाम से बचने, साथ ही फाइबर युक्त आहार, हरी सब्जियां और ताजे फल खाने से रिकवरी तेजी से होती है। मसालेदार, तैलीय भोजन और शराब से परहेज करने की भी सलाह दी जाती है। डॉक्टरों के मुताबिक, मल त्याग के दौरान चमकीले लाल रंग का खून आना, गुदा के आसपास खुजली, सूजन, दर्द या मल त्याग की आदतों में बदलाव जैसे लक्षण दिखने पर बिना झिझक चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर इलाज कराने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
