सिंगरौली। थाना अजाक में दर्ज एससी/एसटी एक्ट के मामले में आरोपी एएसआई अमित दुबे एक बार फिर विवादों में हैं। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि अपराध क्रमांक 01/2025 में मामला दर्ज होने के करीब छह माह बाद भी न्यायालय में चालान पेश नहीं किया गया है, जिससे जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

कानून का पालन कराने वाली वर्दी पर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब थाना अजाक में दर्ज एससी/एसटी एक्ट के एक मामले में आरोपी एएसआई अमित दुबे के खिलाफ कार्रवाई की रफ्तार को लेकर पीड़ित पक्ष ने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि अपराध क्रमांक 01/2025 में मामला दर्ज होने के कई महीने बाद भी न्यायालय में चालान पेश नहीं किया गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी अधिकारी ने पहले हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त किया था। अब स्थगन समाप्त होने के बावजूद विवेचना आगे नहीं बढ़ रही है। उनका कहना है कि मामले में प्रभाव का इस्तेमाल कर कार्रवाई को धीमा किया जा रहा है। विवाद यहीं तक सीमित नहीं है। पीड़ित पक्ष ने यह भी दावा किया है कि एनसीएल दुधीचुआ प्रबंधन द्वारा आरोपी अधिकारी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस भी जारी किया गया था। इससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच, समयबद्ध विवेचना, न्यायालय में शीघ्र चालान पेश करने तथा विभागीय कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर हैं कि वह इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है।
