मेरठ। वर्ष 2017 में पति की हत्या कर शव को बोरे में भरकर स्टोर रूम में छिपाने के चर्चित मामले में मेरठ की अदालत ने शुक्रवार को महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
पति की हत्या कर शव को बोरे में भरकर स्टोर रूम में छिपाने के नौ साल पुराने सनसनीखेज मामले में मेरठ की अदालत ने महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्या और साक्ष्य मिटाने के अपराध में दोषी महिला पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन के अनुसार, 21 अक्टूबर 2017 की रात टीपी नगर क्षेत्र के शिवपुरम में रहने वाली दीया उर्फ दीपा ने अपने 16 वर्षीय परिचित की मदद से पति बाबूराम की हत्या की थी। पहले लकड़ी के डंडे से सिर पर कई वार किए गए और फिर बिजली की प्रेस के तार से गला घोंटकर उसकी जान ले ली गई। इसके बाद शव को बोरे में भरकर कबाड़ वाले स्टोर रूम में छिपा दिया गया। मामले में मृतक का भतीजा प्रत्यक्षदर्शी बना, जिसकी गवाही अदालत में अहम साबित हुई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितेश सचदेवा ने महिला को आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, घटना के समय नाबालिग रहे सह-आरोपी का मामला अभी किशोर न्याय बोर्ड में लंबित है।
