नेशनल डेस्क। आज के समय में स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग, यूपीआई, सोशल मीडिया, ईमेल और निजी दस्तावेज जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां मोबाइल में सुरक्षित रहती हैं। ऐसे में साइबर अपराधियों से बचाव के लिए फोन की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन सिर्फ बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि बैंकिंग, यूपीआई, सोशल मीडिया, ईमेल और निजी दस्तावेजों का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। ऐसे में साइबर अपराधियों की नजर भी सबसे ज्यादा मोबाइल फोन पर रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ आसान सुरक्षा उपाय अपनाकर स्मार्टफोन को हैकिंग और साइबर हमलों से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है। सबसे पहले मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम और सभी ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें। नए अपडेट में सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर किया जाता है, जिससे हैकर्स के लिए सेंध लगाना मुश्किल हो जाता है। फोन में मजबूत स्क्रीन लॉक, फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक का इस्तेमाल करें और Google, WhatsApp, Facebook, Instagram, ईमेल व बैंकिंग ऐप्स में Two-Factor Authentication (2FA) या Passkey जरूर चालू रखें। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐप्स केवल Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें। किसी अनजान लिंक या APK फाइल के जरिए ऐप इंस्टॉल करने से बचें। साथ ही, ऐप्स को केवल जरूरत के मुताबिक ही कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन और कॉन्टैक्ट्स जैसी परमिशन दें। अगर फोन अचानक धीमा चलने लगे, बैटरी तेजी से खत्म होने लगे, डेटा की खपत बढ़ जाए, बार-बार पॉप-अप विज्ञापन दिखाई दें या कोई अनजान ऐप नजर आए, तो यह मालवेयर या हैकिंग का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में संदिग्ध ऐप हटाएं, सभी जरूरी पासवर्ड बदलें और जरूरत पड़ने पर फोन को फैक्ट्री रीसेट करें। फोन की सुरक्षा के लिए Google Play Protect, Find My Device (Android) या Find My (iPhone), Safe Browsing जैसी सुविधाएं हमेशा चालू रखें। इसके अलावा सार्वजनिक Wi-Fi पर बैंकिंग या यूपीआई लेन-देन करने से बचें। डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए Google Authenticator, Microsoft Authenticator, Authy, Bitwarden, 1Password और NordPass जैसे ऐप्स का उपयोग भी किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी-सी सतर्कता और सही सुरक्षा सेटिंग्स अपनाकर स्मार्टफोन के साथ-साथ निजी और वित्तीय जानकारी को भी सुरक्षित रखा जा सकता है।
