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सिंगरौली: ऐश डाइक हादसे के बाद कलेक्टर का सख्त कदम, कंपनी को नोटिस जारी

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By: सूरज कुमार

On: Tuesday, August 18, 2026 8:05 AM

सिंगरौली। जिला कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री गौरव बैनल ने मेसर्स सासन पावर लिमिटेड, ग्राम सिद्धिखुर्द, तहसील एवं जिला सिंगरौली के महाप्रबंधक को ऐश डाइक-1 के क्षतिग्रस्त होने और सुरक्षा एवं पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

जिला कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री गौरव बैनल ने मेसर्स सासन पावर लिमिटेड, ग्राम सिद्धिखुर्द, तहसील एवं जिला सिंगरौली के महाप्रबंधक को ऐश डाइक-1 के क्षतिग्रस्त होने और सुरक्षा एवं पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ग्राम हरहवा स्थित ऐश डाइक के अचानक क्षतिग्रस्त होने से बड़ी मात्रा में फ्लाई ऐश का बहाव आसपास के कृषि एवं आवासीय क्षेत्रों में हुआ, जिससे स्थानीय जनता और पर्यावरण दोनों को खतरा पैदा हुआ है। कलेक्टर ने इस मामले में कंपनी प्रबंधन से तीन दिनों के भीतर स्पष्ट एवं तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। जारी नोटिस के अनुसार, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण में पता चला है कि 14 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि तेज बारिश के कारण ऐश डाइक-1 का बाहरी हिस्सा लैंडस्लाइड का शिकार हुआ, जिससे लगभग 5,760 टन फ्लाई ऐश का बहाव हुआ। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि ऐश डाइक में निर्धारित फ्रीबोर्ड मानकों और मानसून पूर्व सुरक्षा के नियमों का सही तरह से पालन नहीं किया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि इस मामले को जनसुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और कृषि भूमि की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए, कंपनी प्रबंधन से जवाब तलब किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर यह भी पाया गया है कि मेसर्स सासन पावर लिमिटेड ने एमपीपीसीबी की अनुमति का उल्लंघन किया है। कंपनी से पूछा गया है कि वह इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई क्यों न की जाए। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986, जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम, 1974 और वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम, 1981 के अंतर्गत उद्योग की संचालन अनुमति निरस्त करने का प्रस्ताव भी मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजने की चेतावनी दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर कंपनी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, ऐश डाइक हादसे से प्रभावित संपत्तियों और फसलों का नुकसान का आकलन कर उसकी संपूर्ण वसूली भी कंपनी से की जाएगी। जिला प्रशासन ने जनता और प्रभावित लोगों के हितों से समझौता नहीं किए जाने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है।

सूरज कुमार

सूरज कुमार , सिंगरौली, मध्य प्रदेश
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