नेशनल डेस्क। भारतीय वायुसेना ने एक गौरवमयी क्षण देखा है, जब अधिकारी शक्ति शर्मा ने इतिहास रचते हुए भारतीय रक्षा बलों में एयर वाइस मार्शल (AVM) या उसके समकक्ष पद प्राप्त करने वाली पहली महिला गैर-चिकित्सा अधिकारी बन गई हैं। इस अभूतपूर्व सफलता से न केवल वायुसेना में बल्कि सम्पूर्ण भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका औरक्षेत्र में नई उम्मीदें जगी हैं।
भारतीय वायुसेना ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अधिकारी शक्ति शर्मा ने भारतीय रक्षा बलों में पहली गैर-चिकित्सा महिला अधिकारी के रूप में एयर वाइस मार्शल (AVM) का पद प्राप्त कर नया इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि न केवल वायुसेना बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। वायुसेना के सूत्रों ने बताया कि शर्मा ने 1 सितंबर को वायुसेना मुख्यालय में असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (शिक्षा) का पद संभाला है। उन्होंने 1994 में वायुसेना की शिक्षा शाखा में कमीशन प्राप्त किया था। अपने करियर में, शर्मा ने प्रशिक्षण केंद्रों, वायुसेना अड्डों, और मुख्यालयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। शक्ति शर्मा ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय में ‘वायुसेना की उत्कृष्टता पीठ’ की स्थापना की, जो शैक्षणिक और रणनीतिक रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने में मदद कर रही है। उन्होंने सैनिक स्कूल, कपूरथला में पहली महिला अधिकारी के रूप में कमान संभाली और प्रिंसिपल के रूप में भी कार्य किया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, “यह भारतीय रक्षा बलों में महिलाओं के योगदान का प्रतीक है। शक्ति शर्मा का यह कदम भारतीय सेना में महिलाओं के लिए नई राहें खोल रहा है।” शक्ति शर्मा का करियर तीन दशक से अधिक का है, और उनके अनुभव एवं नेतृत्व ने वायुसेना में महिलाओं के लिए नई संभावनाएं उजागर की हैं। उनका यह इतिहास रचने वाला कदम युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है, जो अपने लक्ष्यों को पाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
