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पद्मावत के ‘जौहर’ सीन पर दिए पुराने बयान पर स्वरा भास्कर की सफाई: बोलीं- ‘मेरी बातों का गलत मतलब निकाला गया, महिलाओं को कायर नहीं कहा’

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By: सूरज कुमार

On: Wednesday, September 2, 2026 10:12 AM

मनोरंजन डेस्क। बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के बहुचर्चित ‘जौहर’ सीन पर दिए अपने पुराने बयान और खुले खत (Open Letter) को लेकर सुर्खियों में आ गई हैं। एक हालिया इवेंट के बाद सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर विवाद और ट्रोलिंग शुरू हो गई थी, जिसके बाद अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर पूरे मामले पर अपनी विस्तृत सफाई दी है। स्वरा ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं की बहादुरी पर सवाल नहीं उठाया और न ही उन्हें ‘कायर’ कहा है।

“मेरी बातों का भ्रामक अनुवाद कर विवाद खड़ा किया गया”- स्वरा भास्कर 

स्वरा भास्कर के मुताबिक, एक इवेंट के दौरान उनसे भंसाली को लिखे गए उनके पुराने ओपन लेटर के बारे में पूछा गया था। स्वरा का आरोप है कि सोशल मीडिया पर उनकी क्लिप का गलत मतलब निकालकर और भ्रामक अनुवाद करके यह दिखाया जा रहा है कि उन्होंने जौहर करने वाली महिलाओं का अपमान किया है। तंज कसते हुए स्वरा ने कहा, “जब भाषा समझ न आए तो पूछ लेना चाहिए। मनगढ़ंत बातें फैलाकर लोगों को भड़काना सही नहीं है। अगर मुझे गालियां ही देनी हैं तो सही बात पर दें।”

क्यों जताई थी क्लाइमैक्स सीन पर आपत्ति?- स्वरा ने अपने बयान का संदर्भ समझाते हुए कहा कि फिल्म का क्लाइमैक्स देखते समय उनके मन में यह विचार आया था कि हमारे समाज में, जहां यौन हिंसा एक महामारी की तरह फैली है, वहां ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए कि महिला की ‘शारीरिक पवित्रता’ उसकी जान से ज्यादा कीमती है। उन्होंने कहा, “फिल्म का सीन देखकर ऐसा महसूस हुआ जैसे अगर कोई महिला रेप के बाद जिंदा बच जाती है, तो क्या उसे यह मानना चाहिए कि उसने अपनी जान न देकर कायरता दिखाई? किसी महिला की जिंदगी और उसके अस्तित्व को उसके साथ हुए अपराध या दुष्कर्म के आधार पर कमतर नहीं आंका जा सकता।”
रेप कल्चर और निर्भया केस का दिया हवाला- देश की वास्तविक स्थिति का जिक्र करते हुए स्वरा ने दिल्ली में घटी बर्बर गैंगरेप की घटना और 2012 के ऐतिहासिक निर्भया मामले का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि निर्भया ने आखिरी सांस तक आरोपियों और हिंसा के खिलाफ संघर्ष किया था। स्वरा के अनुसार, ऐसे संदर्भों में महिलाओं के जीवन, उनकी जिजीविषा और संघर्ष को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, न कि देह की पवित्रता के नाम पर जान देने की मानसिकता को।

सूरज कुमार

सूरज कुमार , सिंगरौली, मध्य प्रदेश
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