बलिया। हादसे में पैर फ्रैक्चर होने के बाद आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित सात वर्षीय रागिनी एक पैर के सहारे स्कूल जाने को मजबूर थी। उसकी परेशानी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों का ध्यान उसकी ओर गया और मदद के लिए कई हाथ आगे बढ़े।
एक पैर के सहारे स्कूल जाने को मजबूर सात वर्षीय रागिनी की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। रागिनी हादसे में पैर फ्रैक्चर होने के बाद आर्थिक तंगी के चलते समुचित इलाज नहीं करा सकी थी। इसके बाद वह एक पैर के सहारे ही चलकर स्कूल जाती थी। रागिनी की परेशानी का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने उसकी मदद के लिए हाथ बढ़ाए। मामले की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने तत्काल डॉक्टरों की टीम को रागिनी की जांच के लिए भेजा। चिकित्सकीय जांच के बाद प्रशासन ने उसके उचित इलाज की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया है। जिलाधिकारी ने रागिनी की पढ़ाई जारी रखने के साथ-साथ उसके घर और स्कूल तक जाने वाली सड़क बनवाने की भी बात कही है। प्रशासन की पहल से रागिनी और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। मदद मिलने के बाद रागिनी ने खुशी जताते हुए कहा कि अब उसे कुछ नहीं चाहिए। उसने बताया कि डीएम अंकल आए हैं और उसे कॉपी, साइकिल और टॉफी मिली है। रागिनी की मासूम खुशी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
