हेल्थ डेस्क। बच्चों को मोबाइल, टीवी और अन्य स्क्रीन से दूर रखना माता-पिता के लिए चुनौती बनता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अचानक मोबाइल छीनने या बार-बार डांटने के बजाय तय दिनचर्या और स्पष्ट नियम बनाना ज्यादा कारगर हो सकता है।
बच्चों की मोबाइल और टीवी देखने की आदत कम करना माता-पिता के लिए चुनौती बन सकता है। अचानक फोन छीनने या बार-बार डांटने के बजाय स्पष्ट नियम और बेहतर विकल्प देना ज्यादा प्रभावी हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों की दिनचर्या में धीरे-धीरे बदलाव लाकर स्क्रीन टाइम को नियंत्रित किया जा सकता है।
- स्क्रीन टाइम का समय तय करें:- बच्चे को पहले से बताएं कि वह कब और कितनी देर मोबाइल या टीवी देख सकता है। पढ़ाई, भोजन, खेल और स्क्रीन टाइम का आसान टाइमटेबल बनाया जा सकता है।
- अचानक फोन न छीनें:- स्क्रीन टाइम खत्म होने से 10, 5 और 2 मिनट पहले बच्चे को चेतावनी दें। टाइमर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इसके बाद बच्चे को किसी दूसरी गतिविधि में व्यस्त करें।
- घर में बनाएं स्क्रीन-फ्री जोन:- डाइनिंग टेबल, बेडरूम और सोने से पहले का समय स्क्रीन-फ्री रखा जा सकता है। माता-पिता भी इन नियमों का पालन करें, ताकि बच्चे आसानी से आदत अपना सकें।
- स्क्रीन के बदले दें मजेदार विकल्प:- ड्राइंग, पजल, बोर्ड गेम, किताबें, क्राफ्ट, आउटडोर गेम और ब्लॉक्स जैसी गतिविधियां बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने में मदद कर सकती हैं।
- बच्चे की नाराजगी को समझें, लेकिन नियम कायम रखें:- शुरुआत में बच्चे का रोना या जिद करना सामान्य है। उसे शांत होकर समझाएं, लेकिन हर बार जिद करने पर स्क्रीन टाइम बढ़ाने से बचें।
