शिवपुरी। सागर हादसे के बाद शिवपुरी जिले में शराब बिक्री के खिलाफ महिलाओं और ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। अमोलपठा, मनपुरा और थरखेड़ा में महिलाओं ने शराब की दुकानें बंद कराने को लेकर मोर्चा संभाल लिया। महिलाओं ने सरकारी शराब दुकानों से बीयर और शराब की पेटियां बाहर निकालकर लाठियों से बोतलें तोड़ दीं।
सागर हादसे के बाद शिवपुरी जिले में शराब की बिक्री के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। अमोलपठा, मनपुरा और थरखेड़ा में महिलाओं व ग्रामीणों ने शराब की दुकानों को बंद कराने को लेकर मोर्चा संभाल लिया। महिलाओं ने सरकारी शराब दुकानों से बीयर और शराब की पेटियां बाहर निकालकर लाठियों से बोतलें तोड़ दीं। अमोलपठा में विरोध के दौरान आबकारी कर्मी की लाठी एक महिला को लगने के बाद भीड़ भड़क गई। इसके बाद पुलिस और आबकारी टीम पर लाठी-डंडों से हमला और पथराव किया गया। पथराव में पुलिस वाहन का कांच टूट गया और कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। जवानों ने चौकी प्रभारी अंजली सिंह को सुरक्षित निकालकर पीछे हटाया। वहीं मनपुरा में आदिवासी महिलाओं समेत ग्रामीण शराब दुकान पर पहुंचे और वहां रखी बोतलें बाहर निकाल दीं। ग्रामीण करीब पांच किलोमीटर पैदल शराब की बोतलें लेकर भौंती थाने पहुंचे और थाना परिसर के सामने शराब फैलाकर बोतलें फोड़ते हुए करीब एक घंटे तक घेराव किया। रास्ते में नयाखेड़ा की बंद शराब दुकान पर भी पथराव किया गया। ग्रामीणों ने शराब दुकानों को गांव से बाहर करने और अवैध शराब बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी संजय लोधी ने अवैध शराब के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और शराब दुकान स्थानांतरित कराने का आश्वासन दिया।
