कमिश्नर से सवाल पूछना पड़ा भारी? पत्रकार अनिल शाह का मोबाइल छीनने और बरगवां थाने में बैठाने का आरोप !

अडानी की उज्जैनी भूमिगत खदान पर सवाल के बाद कार्रवाई का दावा; जनविश्वास अभियान में पत्रकारों की आवाज और जनता के सवालों पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में रीवा कमिश्नर से सवाल पूछने के बाद पत्रकार अनिल शाह का मोबाइल फोन छीने जाने और उन्हें बरगवां थाने में बैठाए जाने का आरोप सामने आया है। मामला उज्जैनी भूमिगत खदान, धरनारत लोगों की मांगों और श्रमिकों से जुड़े सवालों का बताया जा रहा है।
- अब सवाल यह की :- क्या जनता के सवालों का जवाब मिलेगा ? या सवाल उठाने वाले को ही सवालों के घेरे में ?
उज्जैनी खदान पर सवाल पुछे जाने के बाद हुआ क्या ?
पत्रकार अनिल शाह ने कथित तौर पर अडानी कंपनी की उज्जैनी खदान से जुड़े मुददे पर कमिश्नर से सवाल किया था। पत्रकार अनिल शाह के साथी पत्रकार ने फोन से दी जानकारी मोबाइल छीने जाने और बरगवां थाने में बैठाए जाने की ।
ऐसे में सवाल ये है कि स्थानीय मुद्दों पर सवाल पूछने वाले पत्रकारों और नागरिकों को क्या पर्याप्त अवसर दिया जा रहा है ?
- ईशथानी] लोगों और श्रमिकों की मांगों पर जवाब कब मिलेगा ?
- उज्जैनी-मझौली क्षेत्र में खदान से जुड़े मुद्दों को लेकर धरने पर बैठे लोगों की मांगों पर क्या कार्रवाई हुई?
