भोपाल। मध्यप्रदेश के लिए गर्व का पल सामने आया है। प्रदेश से जुड़ी नर्सिंग छात्रा Nisha Mehta ने नेपाल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का पद संभालकर इतिहास रच दिया है। नर्सिंग पृष्ठभूमि से सीधे किसी देश के स्वास्थ्य मंत्री बनने का यह पहला मामला माना जा रहा है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खास पहचान बनाई है। Nisha Mehta की इस उपलब्धि ने पूरे देश के नर्सिंग समुदाय को नई प्रेरणा दी है। यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य सेवाओं में जमीनी स्तर पर काम करने वाले प्रोफेशनल भी अब नीति निर्माण के उच्च पदों तक पहुंच रहे हैं।
मेहनत, लगन और सेवा भावना की मिसाल पेश करते हुए मध्यप्रदेश से जुड़ी Nisha Mehta ने नेपाल की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बनकर एक नया इतिहास रच दिया है। नर्सिंग जैसे जमीनी प्रोफेशन से निकलकर किसी देश की स्वास्थ्य नीति की कमान संभालना एक असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है। Nisha Mehta का सफर संघर्ष और समर्पण से भरा रहा है। उन्होंने All India Institute of Medical Sciences से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की और फिर ग्वालियर के पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज ऑफ नर्सिंग से एमएससी नर्सिंग कर अपने करियर को नई दिशा दी। स्वास्थ्य सेवाओं में जमीनी अनुभव रखने वाली एक नर्स का नीति निर्माण के शीर्ष पद तक पहुंचना यह दर्शाता है कि अब व्यवस्था में बदलाव की बयार चल पड़ी है। आमतौर पर ऐसे पदों पर डॉक्टर या राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले लोग ही नजर आते हैं, लेकिन इस बार एक नर्सिंग प्रोफेशनल ने यह धारणा तोड़ दी है। उनकी यह उपलब्धि न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गई है। साथ ही, यह लाखों नर्सिंग छात्रों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है कि सेवा के क्षेत्र से भी नेतृत्व की ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है।
