श्योपुर। बाढ़ राहत राशि घोटाले में फंसी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। जेल में बंद अमिता तोमर को अब आधिकारिक तौर पर निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई चंबल संभागायुक्त द्वारा कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला साल 2021 में आई भीषण बाढ़ के दौरान वितरित की गई राहत राशि में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि करीब 2.5 करोड़ रुपये की रकम पात्र हितग्राहियों तक नहीं पहुंची, बल्कि अन्य खातों में स्थानांतरित कर दी गई। जांच एजेंसियों ने इस घोटाले में अमिता तोमर सहित 28 पटवारियों की भूमिका संदिग्ध पाई, जिसके बाद सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए अमिता तोमर ने न्यायालयों का दरवाजा खटखटाया, लेकिन राहत नहीं मिली। बताया जाता है कि कुछ समय तक फरार रहने के बाद पुलिस ने उन्हें ग्वालियर से गिरफ्तार किया। 26 मार्च 2026 को कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जहां वह फिलहाल बंद हैं। इधर, उनकी जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई भी टल गई है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इस घोटाले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।
