सिंगरौली। कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सरसों और मसूर फसलों के पंजीयन का पुनः सत्यापन किया जाए और उपार्जन केंद्रों में किसी भी प्रकार की अवैध खरीदी पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व कार्यों और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरसों एवं मसूर फसलों के पंजीयन का पुनः सत्यापन किया जाए और उपार्जन केंद्रों में किसी भी प्रकार की अवैध खरीदी को सख्ती से रोका जाए। उन्होंने नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे प्रकरणों का समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और आम जनता को अनावश्यक परेशानी से बचाने पर जोर दिया। सभी अनुविभागीय अधिकारियों को तहसील न्यायालयों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने स्वामित्व योजना, फार्मर रजिस्ट्री और पीएम किसान योजना के अंतर्गत सत्यापन एवं ई-केवाईसी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। राजस्व अर्जन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए भी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई।
बैठक में किसान पंजीयन और गिरदावली की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि उपखंड अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पंजीयन का पुनः सत्यापन करें और यह सुनिश्चित करें कि चना, मसूर एवं सरसों की फसल का अवैध रूप से उपार्जन केंद्रों के माध्यम से विक्रय न हो। इसके लिए सतत निगरानी रखने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सीमावर्ती राज्यों से फसलों की अवैध आवक रोकने के लिए चेक पोस्ट स्थापित कर निगरानी बढ़ाने को कहा गया। इसके अलावा कलेक्टर ने एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए।
