बरेली। जिले में सीजीएसटी की एंटी इवेजन शाखा ने पान मसाला कारोबार से जुड़े बड़े जीएसटी घोटाले का खुलासा किया है। ‘धनी’ ब्रांड से जुड़े प्रतिष्ठानों पर चार दिन तक चली छापेमारी में करीब 29.12 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी सामने आई है।
जिले में पान मसाला कारोबार की आड़ में चल रहे बड़े जीएसटी घोटाले का केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग ने भंडाफोड़ किया है। ‘धनी’ ब्रांड से जुड़े प्रतिष्ठानों पर चार दिन तक चली छापेमारी में करीब 29.12 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। कार्रवाई के बाद कंपनी के पार्टनर और अकाउंटेंट को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सीजीएसटी की एंटी इवेजन शाखा को सूचना मिली थी कि पान मसाला निर्माण और सप्लाई के जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जा रही है। इसके बाद करीब 25 अधिकारियों की टीम ने सिटी स्टेशन रोड और परसाखेड़ा स्थित ताज टोबैको प्रोडक्ट समेत पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। 13 मई से 16 मई तक चली जांच के दौरान अधिकारियों ने कई अहम दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और कारोारी लेनदेन से जुड़े साक्ष्य कब्जे में लिए। जांच में दो पान मसाला पैकिंग मशीनें भी अनधिकृत रूप से संचालित मिलाईं। अधिकारियों के अनुसार, इन मशीनों से बड़े स्तर पर उत्पादन किया जा रहा था लेकिन निर्धारित जीएसटी जमा नहीं किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद कंपनी के पार्टनर जगदीश चंद्र अग्रवाल और अकाउंटेंट गोपाल सक्सेना को गिरफ्तार कर मेरठ की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सीजीएसटी अधिकारियों का कहना है कि मामले में मिले डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि टैक्स चोरी का यह नेटवर्क कई स्तरों पर फैला हुआ हो सकता है और आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
